| User | Thread poster: Lalit Sati 30 डॉलर में 3000 शब्द प्रूफ़रीडिंग, क्या कहते हैं आप |
Lalit Sati India Local time: 17:46
Member (2010) English to Hindi + ... |
अभी एक विदेशी अनुवाद एजेंसी से एक मोहतरमा का ईमेल आया है कि 2900 शब्द की प्रूफ़रीडिंग 30 डॉलर में कर दें। दरअसल यह प्रूफ़रीडिंग नहीं, बल्कि एक तरह से क्वालिटी चेक होगा और कुछ समय पश्चात इसीके साथ लगे हाथ एक नमूना अनुवाद की फाइल यह कहकर करा ली जाएगी कि एक बहुत अच्छे क्लाइंट से भविष्य में सहयोग की संभावना बन सकती है।
30 डॉलर में लगभग 3000 शब्द प्रूफ़रीडिंग का यह कार्य प्रोज.कॉम पर सक्रिय कोई ना कोई सदस्य करेगा/गी ही, लेकिन कल्पना करिए कि अमेरिकी डॉलर में लेनदेन कर रही यह विदेशी एजेंसी क्या वाकई में अपने क्लाइंट से बहुत कम पैसा पा रही होगी? जी नहीं, यह और ऐसी ही अन्य एजेंसियाँ अच्छा पैसा पीटती हैं लेकिन हमें वह बेशरमी के साथ कुछ भी "ऑफर" कर देती हैं। क्या कहते हैं आप?
कृपया यहाँ पर इस बात की दुहाई न दी जाए कि लोग तो 25 पैसा प्रति शब्द में अनुवाद कर रहे हैं। दरअसल बैठे ठाले 'करना है कुछ काम' मार्का अनुवादकों के बजाय यह विचारणीय बिंदु उन पेशेवर अनुवादकों को संबोधित है जो बाज़ार में अपने कौशल या हुनर के दम पर टिके हुए हैं, स्वाभिमानी हैं, अपने श्रम का महत्व समझते हैं। ऐसे ही काबिल मित्रों की राय इस विषय पर आमंत्रित है। |  |  | | | | |
langclinic India Local time: 17:46
Member (2008) English to Hindi + ... | | इस काम का प्रस्ताव मुझे भी किया गया था | Apr 16, 2011 |
एक अरब देश में स्थित इस एजेंसी ने मुझसे भी इस काम के लिए सम्पर्क किया था और मैंने यह कहकर यह प्रस्ताव ठुकरा दिया था कि मैं इतने कम दाम में प्रूफरीडिंग का काम नहीं करता। दरअसल, इससे अधिक पैसे तो भारतीय एजेंसियाँ ही मुझे प्रूफरीडिंग के काम के लिए देती हैं। ये महिला फरमा रही थीं कि एक घंटे में 1000 शब्दों के लिए 10 डॉलर की दर पर 30 डॉलर की रकम वे अदा कर देंगी। मैंने उनसे कहा कि मैं घंटे की दर पर नहीं बल्कि प्रति शब्द की दर पर अनुवाद और प्रूफरीडिंग का काम करता हूँ।
सुरसा के मुँह की भाँति दिन-प्रतिदिन बढ़ रही महंगाई के इस युग में इतने कम पारिश्रमिक पर इतना अधिक काम करने की बात सोचना हास्यास्पद लगता है। इतने कम पैसों पर दिमाग को कष्ट देने और आँखों पर ज़ुल्म करने की अपेक्षा यह बेहतर है कि इसे हाथ ही न लगाया जाए क्योंकि अगले ही क्षण अपने नियमित क्लाइंटों से उचित दरों पर कोई आवश्यक या तत्काल प्रकृति का कोई काम आ सकता है और उन्हें यह कहते हुए मना करना पड़ सकता है कि आप व्यस्त हैं और यह कार्य नहीं ले सकते।
इस एजेंसी का ब्लूबोर्ड रिकॉर्ड कुछ अच्छा था और उन्होंने पहले मुझे पारिश्रमिक के बारे में नहीं बताया था, इसीलिए मैंने उनकी पेशकश का उत्तर दे दिया था, अन्यथा मैं इस प्रकार के सन्देशों का उत्तर नहीं देता हूँ।
[Edited at 2011-04-16 02:11 GMT] |  |  | | | | |
Ashutosh Mitra India Local time: 17:46
Member (2011) Hindi to English + ... | | मेरा मानना है.......... | Apr 16, 2011 |
आपका गुस्सा जायज़ है.......लेकिन क्रेता और विक्रेता दोनो के मिलने से बाज़ार बनता है, और बाज़ार खुले माहौल का भी है, अस्तु हर तरह के क्रेता और विक्रेता इसका हिस्सा हैं.
कम कीमत देना, या देने का प्रस्ताव करना खरीदार का हक है...और ठीक उसी तरह उस प्रस्ताव को अस्वीकार करना भी आपका हक है. मैने तो अक्सर ये देखा है कि आप कुछ भी प्रस्ताव रखिए, लोग(क्रेता) सिर्फ मोलभाव करने के लिए तोलमोल करते हैं, वो इस बाजार को भी सब्जी मंडी बनाने पर तुले हैं.
लेकिन इसका कोई तोड़ नही है. काम है तो बाज़ार है, बाज़ार है तो दो पक्ष हैं, एक क्रेता है तो दूसरा विक्रेता, यदि एक के कुछ हक हैं तो दूसरे के भी......
आप इसका नियमन नहीं कर सकते क्योंकि, जितने लोग उतनी सोच.... | | | |
keshab India Local time: 17:46
Member (2006) English to Hindi + ... | | बाज़ार में बदनामी है | Apr 16, 2011 |
आशुतोष जी कहते हैं:
आपका गुस्सा जायज़ है.......लेकिन क्रेता और विक्रेता दोनो के मिलने से बाज़ार बनता है, और बाज़ार खुले माहौल का भी है, अस्तु हर तरह के क्रेता और विक्रेता इसका हिस्सा हैं.
कम कीमत देना, या देने का प्रस्ताव करना खरीदार का हक है...और ठीक उसी तरह उस प्रस्ताव को अस्वीकार करना भी आपका हक है. मैने तो अक्सर ये देखा है कि आप कुछ भी प्रस्ताव रखिए, लोग(क्रेता) सिर्फ मोलभाव करने के लिए तोलमोल करते हैं, वो इस बाजार को भी सब्जी मंडी बनाने पर तुले हैं.
लेकिन इसका कोई तोड़ नही है. काम है तो बाज़ार है, बाज़ार है तो दो पक्ष हैं, एक क्रेता है तो दूसरा विक्रेता, यदि एक के कुछ हक हैं तो दूसरे के भी......
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बिल्कुल सही कहा आपने। बाज़ार में तोलमोल करने का हक़ सभी का है। क्रेता और विक्रेता सभी समय अपने अपने मुनाफे देखेंगे। लेकिन इस मुनाफ़ेखोरी के नशे में कुछ क्रेता और कुछ विक्रेता बदनाम भी हो जाते हैं। हां यह बात अलग है कि एक का नाम दूसरों के लिए बदनामी का कारण बन जाता है। दुनिया भर में मशहूर है की भारत और दूसरे एशियाई देशों में सस्ते में मज़दूर मिल जाते हैं। अब यह 'सस्ती' बात यहां के सभी पेशेवर लोगों पर लागू होती है। विश्व में यही प्रसिद्ध हो चूका कि सस्ते में काम करवाना चाहो तो भारत और चीन में जाओ।
ललित जी कहते हैं:
कृपया यहाँ पर इस बात की दुहाई न दी जाए कि लोग तो 25 पैसा प्रति शब्द में अनुवाद कर रहे हैं।
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यहां की कुछ एजेन्सियों की बात भी निराली है। लोग 25 पैसों पर शौक से काम करना नहीं चाहते पर बहुत सारे भारतीय एजेन्सियों का ऑफ़र ऐसा ही है। भारत, चीन और अरब - इन तीन देशों के बारे में यही प्रसिद्ध है कि ये लोग सस्ते दामों पर काम करवाते हैं। वैसा ही रूख विश्व की दूसरी एजेन्सियां हम पर अपनाती है। जर्मनी की एक एजेन्सी रेट सुनकर नाराज हो गई- "अरे! हम तो हिन्दी अनुवाद 0.02 USD के हिसाब से करवाता हूं !" अस्तु। बाज़ार में ऐसा होता ही है! सभी लोग सचेत न होने पर ऐसा ही होगा। हमें भी अपने लाभ देखकर ही चलना होगा । |  |  | | | | |
Peoplesartist India Local time: 17:46 English to Hindi + ... | | मजे की बात देखिये | Apr 18, 2011 |
मजे की बात देखिये यह आफर मुझे भी आया था। हा हा हा।
श्रम का एक सम्मानजनक और वाजिब मोल मिलना चाहिए और ऐसा नहीं होने पर अपमानित महसूस करना
सामान्य बात है पर ऐसे मामलों में हमें चुप लगा जाना चाहिए और जवाब ही नहीं देना चाहिए। ऊर्जा का बचाने का यह अच्छा तरीका है।
दूसरों की मेहनत पर जीने वालों का तो कोई ईमान-धरम होता नहीं है और वे थेथर भी हो चुके रहते हैं। | | | |
Lalit Sati India Local time: 17:46
Member (2010) English to Hindi + ... TOPIC STARTER | | सभी साथियों का धन्यवाद | Apr 18, 2011 |
पीपुल्सआर्टिस्ट जी, धन्यवाद। चुप्पी लगाकर ऊर्जाबचत करने के बजाय ऐसे मंच पर बात रखने का यह लाभ होता है कि आप और अन्य साथी अनुवादकों की अनुभव पगी राय मिल जाती है। नए अनुवादक साथियों का भी मार्गदर्शन हो जाता है। रेट्स पर जागरूकता बढ़ना और रेट्स के लिए अड़ना हम सभी के लिए हितकारी है। | | | |
Ashutosh Mitra India Local time: 17:46
Member (2011) Hindi to English + ... |
क्या खूब कहा..........चुप रहने से कुछ नही मिलेगा...........माँ से भी दूध मांगना पड़ता है..
Lalit Sati wrote:
पीपुल्सआर्टिस्ट जी, धन्यवाद। चुप्पी लगाकर ऊर्जाबचत करने के बजाय ऐसे मंच पर बात रखने का यह लाभ होता है कि आप और अन्य साथी अनुवादकों की अनुभव पगी राय मिल जाती है। नए अनुवादक साथियों का भी मार्गदर्शन हो जाता है। रेट्स पर जागरूकता बढ़ना और रेट्स के लिए अड़ना हम सभी के लिए हितकारी है। |
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Ritu Bhanot France Local time: 14:16
 Member (2006) French to Hindi + ... | | किसी ने किया क्या ? | Apr 18, 2011 |
मैंने जवाब में अपनी अनुवाद मूल्य-सूची भेज दी थी । उम्मीद करते हैं कि उक्त एजेंसी को अनुवाद-मूल्य का कुछ अंदाज़ा हो जाएगा ।
एक तो शनिवार - रविवार को काम करो और उस पर तुर्रा यह कि समय की भी तंगी । अरे इस कीमत पर काम करवाना है तो गूगल अनुवाद का उपयोग कर लें | | | |
Lalit Sati India Local time: 17:46
Member (2010) English to Hindi + ... TOPIC STARTER | | काश, अपमानजनक दरों से इंकार करें हम सब | Apr 18, 2011 |
धन्यवाद, ऋतु जी। मुझे उनका यह अंदाज ही सबसे आपत्तिजनक लगा कि 1000 शब्द के लिए 10 डॉलर बिना किसी झिझक के सहजता के साथ 'ऑफर' करते हैं। इस आत्मविश्वास के साथ कि एक नहीं, अनेक इस पर काम करने के लिए तैयार होंगे।
"किसी ने किया क्या?" इसका उत्तर इतनी आसानी से मिलता तो शायद हम सभी पेशेवर अनुवादकों को ऐसी दरों का मुँह न देखना पड़ता!
अनुभवी अनुवादक langclinic की बात सही लगती है - "सुरसा के मुँह की भाँति दिन-प्रतिदिन बढ़ रही महंगाई के इस युग में इतने कम पारिश्रमिक पर इतना अधिक काम करने की बात सोचना हास्यास्पद लगता है।"
[Edited at 2011-04-18 16:07 GMT]
[Edited at 2011-04-18 16:45 GMT] | | | |